योगा फॉर वैरिकोज वेन्स (Yoga for Varicose Veins)

शारीरिक समस्याएं कई प्रकार की हैं और इनमें से कुछ समस्याओं को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। उनमें से एक वैरिकोज वेन्स है। वैरिकोज वेन्स को वेरिकोसाइटिस भी कहा जाता है।वैरिकोज वेन्स नसों से संबंधित समस्‍या है जो अधिकतर टांगों को प्रभावित करती है।पैरों पर उभरी टेढ़ी-मेढ़ी और रंगीन नसें का होना  या क्या आपने कभी गौर किया है कि आपके पैर या किसी अन्य हिस्से की नस अचानक सूज जाती है। यह समस्या तब होती है जब नस पतली हो जाती है और रक्त से भर जाती है यानी ब्लाक हो जाती हैं। ये आमतौर पर पैरों में होती हैं, लेकिन शरीर के अन्य हिस्सों में भी हो सकते हैं।यह लाल, नीले और बैंगनी रंग में हो सकती है।  वैरिकाज़ नसों आमतौर पर सूजन या त्वचा पर उभरी हुई दिखाई देती हैं।ये समस्‍या खासतौर पर महिलाओं में बहुत आम है।

वैरिकोज वेन्स के कारण

जब नसें ठीक तरह से काम नहीं कर पाती हैं तब वैरिकोज वेन्सकी समस्‍या उत्‍पन्‍न होती है। नसों की एक तरफ की वाल्व रक्‍त प्रवाह को रोक देती है। जब ये वॉल्‍व काम करना बंद कर देती हैा तो रक्‍त ह्रदय तक पहुंचने की बजाय नसों में ही इकट्ठा होने लगता है। नसों का आकार बढ़ जाता है। ये समस्‍या अक्‍सर टांगों को प्रभावित करती है।

वैरिकोज वेन्स के कारण :

  • मोटापा
  • प्रेग्‍नेंसी
  • जीवनशैली
  • वंशानुगत (Heredity)
  • 40 से अधिक उम्र
  • लंबे समय तक खड़े रहना
  • रजोनिवृत्ति, हार्मोनल परिवर्तन

वैरिकोज वेन्स से बचने के लिए कुछ योगासन के बारे में जानते हैं। वैरिकोज वेन्‍स के इलाज में योग बहुत प्रभावी है। यह दर्द को कम करने में मदद करता है और निवारक भी है।

उत्तानासन योग (Uttanasana Yoga)

यह योगासन आपकी जांघें और घुटने मजबूत बनाता हैं। यह आसन पूरे शरीर में रक्त के संचार को बढ़ाता है। जिससे आपके पैरों को एक अच्छा खिंचाव मिलता है, विशेष रूप से जांघों और पिंडलियों को, जो वैरिकाज़ नसों के संभावित क्षेत्र होते हैं। इस आसन के नियमित अभ्यास से पैरों में दर्द कम हो जाता है।

उत्तानासन करने का तरीका

  • योग मैट पर सीधे खड़े हो जाएं और दोनों हाथ हिप्स पर रख लें।
  • सांस को भीतर खींचते हुए कमर को मोड़ते हुए आगे की तरफ झुकें।
  • शरीर को संतुलित करने की कोशिश करें। 
  • धीरे-धीरे हिप्स को ऊपर की ओर उठाएं
  • अपने हाथों से टखने को पीछे की ओर से पकड़ें। 
  • आपका सीना पैर के ऊपर छूता रहेगा। 
  • सिर को नीचे की तरफ झुकाएं और टांगों के बीच से झांककर देखते रहें। 
  • इसी स्थिति में 15-30 सेकेंड तक स्थिर बने रहें। 
  • सांस को भीतर की ओर खींचें और हाथों को हिप्स पर रखें। 
  • धीरे-धीरे ऊपर की तरफ उठें और सामान्य होकर खड़े हो जाएं। 

सर्वांगासन योग( Sarvangasana Yoga)

वैरिकाज़ नस एक समस्या है, जिसमें पैरों की नसें मोटी हो जाती हैं और त्वचा पर उभरी हुई दिखाई देती है सर्वांगासन में, जब पैर उठाए जाते हैं, तो रक्त की वापसी में वैरिकाज़ नस की समस्या से राहत दिलाती है। यह आसन पैरों को भी बहुत आराम देता है। यह पैरों की रक्त वाहिकाओं में रक्त के दबाव कम कर देता है इस प्रकार जो लोग वैरिकाज़ नस से पीड़ित है उनके लिए यह आसन वरदान साबित हो सकता है।

सर्वांगासन करने का तरीका

  • सबसे पहले अपनी पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
  • धीरे – धीरे अपने पैरों को 90 डिग्री पर ऊपर उठाएं।
  • धीरे से सिर को अपने पैरों की तरफ लाने का प्रयास करें।
  • आपकी ठोड़ी सीने से सटा कर रखें।
  • 30 सेकंड या उससे अधिक के लिए मुद्रा को बनाए रखने के लिए प्रयास करें।
  • और फिर धीरे – धीरे पूरानी स्तिथी में वापस आ जाएँ।

विपरीत करनी योग (Viparita Karani Yoga)

यह आसन आपके पैरों को बेहद आराम देता है। यह ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है और प्रेशर को कम करता है। यह वैरिकोज वेन्‍स के कारणों में बहुत मदद करता है। विपरीत करनी योग से कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है यह पैर की मांसपेशियों को खिचाव देता है। यह वैरिकाज़ नसों के कारण में बहुत मदद करता है। यह आसन आपके पैरों के लिए बेहद आरामदायक है। पैरों की थकान को इससे बहुत फायदा होता है। यह रक्त परिसंचरण को बढ़ाता है और विषाक्त पदार्थों और अन्य उत्पादों को बाहर निकालता है।

विपरीत करनी करने का तरीका

  • सबसे पहले एक योगा मैट को फर्श पर बिछा के उस पर पीठ के बल लेट जाएं।
  • अपने दोनों हाथ और पैरों को जमीन पर सीधा रखें।
  • अब धीरे-धीरे दोनों पैरों को ऊपर उठायें और अपने ऊपर के शरीर को फर्श पर ही रखा रहने दें।
  •  अपने दोनों पैरों को 90 डिग्री कोण तक ऊपर उठायें।
  •  सुनिश्चित करें कि आपकी पीठ और सिर फर्श पर आराम कर रहे हैं।
  •  अपनी आंखों को बंद करें और इस स्थिति में आप कम से कम पांच मिनट के लिए रुकें।

मत्स्यासन योग (Matsyasana Yoga)

मत्स्यासन को मछली मुद्रा के नाम से भी जाना जाता है। यह  वैरिकोज वेन्‍स के लिए सबसे अच्छे योगों में से एक है। यह सामूहिक रूप से कई प्रणालियों पर काम करता है। यह आपके पैरों और टांगों में स्‍ट्रेच लाता है और तनाव और ऐंठन से राहत देता है। आपके पैर शिथिल होते हैं और पूरे शरीर में ब्‍लड फ्लो कंट्रोल होता है।

मत्स्यासन करने का तरीका

  • योग मैट पर पीठ के बल लेट जाएं, अपनी हथेलियों को हिप्स के नीचे लगाएं, हथेलियां जमीन की तरफ रहेंगी। अब कोहनियों को एक-दूसरे के करीब लाने की कोशिश करें। कोहनियों की स्थिति कम के पास होगी। 
  • अपने पैरों की पालथी मार लें। जांघें और घुटने फर्श पर सपाट रहेंगे।
  • सांस खींचते हुए सीने को ऊपर की तरफ उठाएं। सिर भी ऊपर की तरफ उठाएं, और सिर का ऊपरी हिस्सा जमीन को छूता रहेगा। 
  • शरीर का पूरा वजन कोहनियों पर रहेगा न कि सिर पर। 
  • इस स्थिति में तभी तक रहें जब तक आप सहज अनुभव करते रहे। सांसों की गति सामान्य बनाए रहें। 
  • सांस बाहर निकालें और पुरानी स्थिति में वापस लौटें। 
  • सबसे पहले सिर को उठाएं और उसके बाद सीने को जमीन पर वापस लाएं। टांगों को सीधा करें और विश्राम करें। 

ताड़ासन योग (Tadasana Yoga)

ताड़ासन योग बहुत फायदेमंद है। इसके रोज अभ्यास से जांघों, घुटनों और टखने मजबूत होते है। यह एक ऐसी योगासन है जो मांसपेशियों को ही नही बल्कि सूछ्म मांसपेशियों को भी बहुत हद तक लचीलापन बनाता है।  यदि आपकी नसों या मांसपेशियों में दर्द है, तो आपको ताड़ासन योग करना चाहिए इसके अभ्यास से आपको बहुत फायदा होगा। ताड़ासन योग घुटने, जांघ और टखनों पर भी खास तौर से काम करता है। यह  वैरिकोज वेन्‍स के लिए सबसे अच्छे योगों में से एक है।

ताड़ासन करने का तरीका

  • योग मैट बिछाएं।अब पैर और कमर को सीधा करके योग मैट पर खड़े हो जाएं।
  • इस दौरान एड़ियों को एक दूसरे से मिला कर रखें।
  • अपने दोनों हाथों को बगल में सीधा रखें।
  • अगले चरण में हथेलियों को आपस में फंसाकर ऊपर उठाएं। हथेलियों की दिशा आकाश की तरफ होनी चाहिए।
  • अब धीरे-धीरे सांस लेते हुए, पंजों के बल खड़े होते हुए शरीर को ऊपर की ओर खीचें।
  • जब शरीर पूरी तरह तन जाए तो इस मुद्रा में कुछ देर बने रहने की कोशिश करें। इस अवस्था में शरीर का पूरा भार पंजों पर होगा।
  • फिर सांस को धीरे-धीरे छोड़ते हुए प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।

पढ़ने के लिए धन्यवाद ! 

इस ब्लॉग की जानकारी ज्ञान के उद्देश्य से है और इसमें कोई चिकित्सकीय सिफारिश शामिल नहीं है। सलाह का पालन करने से पहले एक प्रमाणित चिकित्सक से परामर्श करें।

                                                                                                                                                                              रीना जैन


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