सिंहासन योग विधि, लाभ और सावधानियां – (Sinhaasan (Lion Pose) in Hindi)

सिंहासन योग ( Lion Pose in Hindi)

सिंहासन योग — Vikaspedia

इस आसन को करते समय व्यक्ति के शरीर की मुद्रा सिंह के समान हो जाती है, सिंहासन को अंग्रेजी में (Lion pose) कहते है। सिंहासन एक संस्कृत भाषा का शब्द है। जो कि दो शब्दों से मिलकर बना है जैसे- “सिंह”का अर्थ है “शेर”और “आसन” का अर्थ है “मुद्रा”।  इस आसन को सिंहासन इसलिए कहते हैं क्योंकि बाहर निकली हुई जीभ के साथ चेहरा दहाड़ते हुए शेर की भयंकर छवि को दर्शाता है। सिंहासन आंखो, चेहरे व गर्दन को स्वस्थ रखने के लिए अहम भूमिका निभाता है।इस आसन को सबसे अच्छे फेस एक्सरसाइज में से एक कहा जाता है। यह आसन बहुत ही आरामदायक है जिसे कोई भी कर सकता है।

सिंहासन को करने की विधि (Lion Pose Steps In Hindi)

  • इसे करने के लिए सबसे पहले समतल जगह पर योगा मेट बिछा ले।
  • इसके बाद वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाए।
  • दोनों घुटने को जितना हो सके उतनी दुरी पर रखे।
  • अब दोनों हांथो को घुटने के बीच में रखे, हांथो की उंगलिया आपके शरीर के तरफ होनी चाहिए।
  • दोनों हांथो को सीधा रखते हुए आगे की तरफ झुके।
  • हाथ की  भुजाएं सीधी रहनी चाहिए। शरीर का भार भुजाओं पर रहना चाहिए। 
  • इसके बाद सर को पीछे की तरफ झुकाये और साथ ही मुँह को जितना संभव हो खोल ले।
  • फिर जीभ को बाहर निकाल ले।
  • आँखों को खोल ले और आँखों से दोनों भोहों के बीच देखे।
  • जीभ को बाहर की ओर ज्यादा से ज्यादा निकाले और गले से सिंह की जैसी आवाज में गर्जन करते हुए इस आसन को करते समय दहाड़ने में पूर्ण शक्ति से काम लेना होगा।
  • सांस भी धीरे-धीरे छोड़ें जीभ भी बाहर निकली और तनी हुई।
  • फिर जीभ अंदर ले मुंह को बंद करें सांस अंदर भरे और फिर इस प्रक्रिया को तीन चार बार दोहराएं, अंत में गले की मालिश करें। 
  • इस आसन के अंत में पुनः थोड़ी देर वज्रासन में बैठ जाए| इसके 5 मिनट बाद शवासन करे।
  • एक स्वस्थ व्यक्ति को इसे प्रतिदिन 10 -12 बार करना चाहिए। अभ्यास एवं जरूरत के अनुसार इसे ज्यादा से ज्यादा बार किया जा सकता है।
  • यदि आप कोई समस्या के चलते वज्रासन की स्थिति में नहीं बैठ पा रहे है तो इसे कुर्सी पर बैठ के भी कर सकते है।

सिंहासन से पहले यह आसन करें (Poses before (Lion Pose) )

सिंहासन योग उन लोगों के लिए काफी सरल आसन है जो पहले से योग अभ्यास कर रहें हैं। लेकिन जो अभी इसमें नए हैं वो लोग इस आसन को करने से पहले नीचे दिए गए कुछ आसन का अभ्यास करें। क्‍योंकि इन योग को करने से आपको सिंहासन योग करने में आसानी होगी। सिंहासन को सरल बनाने के लिए उससे पहले कुछ आसनों का अभ्यास कर लेना चाहिए।

  • बालासन
  • वज्रासन
  • सुखासन

सिंहासन योग के लाभ ( Lion Pose Benefits in Hindi)

एंटीएजिंग (Antiaging)

7 Nworld Toronto Canada by diacq daniel ideas | nlighten products, toronto  canada, mlm companies

यह एक तरह का एंटीएजिंग आसन है, जो चेहरे की एक्सरसाइज करने के साथ ही चमक बढ़ाता है और त्वचा में नयापन बनाएं रखता है। अगर आपकी बढ़ती उम्र से आपके चेहरे पर झुर्रियां पड़ने लगी है तो इससे काफी आराम मिलेगा। सिंह आसन को रोजाना करने से चेहरे से झुर्रियां खत्म हो जाती है।

थायरॉयड के लिए (For Thyroid)

thyroid gifs | WiffleGif

यह थायरॉयड के लिए एक बेहतरीन योग है। इसका रोजाना अभ्यास करने से आप थायरॉयड से संबंधित परेशानियों से बच सकते हैं।

आंखों के लिए (For Eyes)

इसके अभ्यास से अपने आंखों को स्वस्थ रख सकते हैं। इससे आंखों की नसों की कमजोरी दूर होती है।सिंहासन आसन में आंखों के आईबॉल मूवमेंट करते हैं। आसन करते समय आईबॉल को एक दिशा में ध्यानकेंद्र की ओर फोकस करना होता है, जिससे आंखों की रोशनी ठीक होती है। 

आवाज को मधुर बनाने के लिए (To make the Voice Softer)

Can or Can't | Baamboozle

अगर आपको आवाज को मधुर बनानी हो तो इस आसन का अभ्यास जरूर करें। वाणी से संबंधित विकारों में यह उपयोगी होता है। अपनी आवाज को मधुर बनाने के लिए गायक एवं संगीतकार प्रायः इस आसन का अभ्यास करते हैं। अगर कोई हकलाकर बोलता है तो उसे सिंहासन करनी चाहिए।

गले के टॉंसिल के लिए (For Sore Tonsils)

सिंहासन करके बहुत सारी गले की परेशानी से बच सकते हैं। इसका नियमित अभ्यास से गले में होने वाले संक्रमण को दूर किया जा सकता है।

अस्थमा के लिए (For Asthma)

सिंहासन से अस्थमा में आराम मिलता है।

दांत पीसने की समस्या के लिए (For teeth grinding problem)

Teeth Grinding GIFs | Tenor

जब हम बच्चों में इस समस्या को देखते हैं तो हम शायद जानते हैं कि यह बच्चों के शरीर के अंदर मौजूद कीड़े की भारी संख्या के कारण है। अगर आपके बड़े होने के बाद भी समस्या बनी रहती है, तो सिंघासन योग मुद्रा का अभ्यास आपको बिल्कुल ठीक कर सकता है।

रीढ़ की हड्डी के लिए (For Backbone)

सिंहासन का रोज अभ्यास करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत बनती है। शरीर में रक्त का प्रवाह अच्छी तरह से होता है।जब शेर की मुद्रा का प्रदर्शन कर रहे होते हैं, तो अपनी पीठ को बहुत ही उचित तरीके से फैलाना होता है ताकि बैठे हुए शेर की तरह दिखें। यह खिंचाव बहुत आवश्यक है क्योंकि यह पीठ दर्द और समस्याओं के लिए चिकित्सीय है। यह खिंचाव पीठ में किसी भी तरह के दर्द या खिंचाव से राहत दिलाने में मदद करता है ।

सिंहासन योग करने का समय (Time for doing Lion Pose )

सिंहासन योग का अभ्यास आपको सुबह के समय खाली पेट करना चाहिए। इस आसन का अभ्यास सूर्योदय से कुछ समय पहले या सूर्योदय के कुछ समय बाद कर सकते है। बस आप यह सुनिश्चित करें कि अपने भोजन और अपने अभ्यास के बीच कम से कम चार से छह घंटे का अंतर हो। इस आसन को करने पर आपका पेट और आंत खाली होनी चाहिए।

सिंहासन करते समय सावधानिया (Precautions While doing Lion Pose)

  • यदि गले में दर्द हो तो इस आसन को ना करे।
  • अगर घुटने में दर्द हो तब भी इस आसन जो नहीं करना चाहिए|
  • पीठ में दर्द होने पर भी सिंहासन का अभ्यास नहीं करना चहिये|
  • स्लिप डिस्क या सर्वाइकल हो तब भी नहीं करना चाहिए|
  • गर्भवती महिलाओं को डॉक्टरी सलाह के बाद ही इस योगासन का अभ्यास करना चाहिए।
  • बुखार या सर्दी जुखाम में भी इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए|
  • यदि योगासन करते हुए शरीर में कहीं भी पीड़ा हो तो उसे तुरंत बंद कर देना चाहिए|
  • इस आसन का अभ्यास तीन मिनट से अधिक न करें।

पढ़ने के लिए धन्यवाद! 

यदि आप पहली बार इस आसन का अभ्यास कर रहे हो तो किसी एक्सपर्ट की देखरेख में करे |अगर आपको कोई समस्या हे तो डॉक्टर की सलाह लिए बिना कोई भी आसान या प्राणायाम न करें।

                                                                                                                                                                              रीना जैन


Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »
error: Content is protected !!