Hadjod: टूटी हुई हड्डियां और गठिया के लिए संजीवनी है ये पौधा! 

हड्डियों के लिए हड़जोड़ को आयुर्वेदिक की सबसे बढ़िया औषधि माना जाता है। यह ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर का रामबाण इलाज माना जाता है। आयुर्वेद में ऐसी कई जड़ी बूटियां हैं, जिनके बारे में अधिकतर लोग जानते ही नहीं हैं। इन्हीं जड़ी बूटी में से एक हड़जोड़ भी है, जो कई औषधीय गुणों से भरपूर है और न सिर्फ हड्डियों से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद है, बल्कि ये सेहत के लिए भी लाभकारी है। तो आइए इस लेख में हम जानते हैं कि हड़जोड़ क्या है और इसके क्या फायदे और नुकसान हैं?

हड़जोड़ में हड़ का अर्थ होता है ‘हड्डी और “जोड़” का मतलब है ‘जोड़ना, मतलब हड़जोड़ एक ऐसा पौधा है, जो टूटी हड्डियों को जोड़ने का काम करता है। यही कारण है कि इस जड़ी-बूटी को हड्डियां जोड़ने वाली औषधि के रूप में भी जाना जाता है। हड़जोड़ की तासीर गर्म होती है,  हड़जोड़ आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण औषधि है, संस्कृत में इसे अस्तिसंहर के नाम से जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम Cissus quadrangularis है। यह जड़ी बूटी खासतौर पर फ्रैक्चर, जोड़ों के दर्द और कमर दर्द के लिए किया जाता है। यह मुख्य रूप से भारत के पहाड़ी इलाकों में पाया जाता है. इस पौधे के तने और जड़ में कई औषधीय गुण होते हड़जोड़ में सोडियम, पोटैशियम और कैल्शियम कार्बोनेट भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

हड़जोड़ का मुख्य उपयोग टूटी हुई हड्डियों को प्राकृतिक रूप से जोड़ने के लिए किया जाता है। यह हड्डी बनाने वाली कोशिकाओं को सक्रिय करके हड्डियों को जल्दी जुड़ने में मदद करती है। यह जड़ी-बूटी फ्रैक्चर, मोच और जोड़ की चोटों में हीलिंग प्रोसेस को तेज करती है। इस प्रकार यह क्षतिग्रस्त हड्डी की मरम्मत करके उसकी रिकवरी को सपोर्ट करती है।

यह हड्डियों के पतले होने की प्रक्रिया को धीमा करता है, हड्डियों की कमजोरी को कम करता है और हड्डियों की मजबूती बढ़ाता है। यह बोन डेंसिटी में सुधार करता है और हड्डियों को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। रजोनिवृत्ति के बाद की महिलाएं और बुजुर्ग ऑस्टियोपोरोसिस के ज्यादा शिकार होते हैं, ऐसे में हड़जोड़ हड्डियों को टूटने और नुकसान से बचाने के लिए एक प्राकृतिक सहायक की तरह काम कर सकता है।

हड़जोड़ फटे हुए लिगामेंट और टेंडन की मरम्मत में मदद करता है। यह ऊतकों की हीलिंग को तेज करता है, जिससे वे ज्यादा मजबूत और जल्दी ठीक हो पाते हैं। यह खिलाड़ियों या ACL टियर, मसल स्ट्रेन जैसी चोटों से उबर रहे लोगों के लिए उपयोगी है।

हड़जोड़ गैस, पेट फूलना और अम्लता को कम करके पाचन सुधारने में मदद करता है। यह पेट की परत को शांत करता है और भूख में सुधार करता है। अपच या हल्की कब्ज से परेशान लोग इससे लाभ उठा सकते हैं। इसके प्राकृतिक घटक बेहतर मल त्याग और स्वस्थ पाचन क्रिया को सपोर्ट करते हैं, वह भी बिना किसी दुष्प्रभाव के।

अपने प्रबल सूजनरोधी (anti-inflammatory) गुणों के कारण हड़जोड़ सूजन और इंफ्लेमेशन को कम करने में मदद करता है। यह क्रॉनिक इंफ्लेमेशन, आर्थराइटिस या चोटों से जूझ रहे लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है। शरीर के अंदर सूजन घटाकर हड़जोड़ तेज रिकवरी को बढ़ावा देता है और लंबे समय से चल रहे दर्द व असहजता से राहत दिलाने में मदद करता है।

हड़जोड़ शरीर की अतिरिक्त चर्बी को प्राकृतिक तरीके से कम करने में सहायक हो सकता है। यह पाचन सुधारता है, अनहेल्दी क्रेविंग कम करता है और फैट बर्निंग प्रक्रिया को तेज करता है। मोटापा या ओवरवेट की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह फायदेमंद हो सकता है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ, हड़जोड़ प्राकृतिक और सुरक्षित वेट मैनेजमेंट प्रक्रिया को सपोर्ट कर सकता है।

हड़जोड़ स्वस्थ ब्लड शुगर स्तर बनाए रखने में मदद करता है। यह इंसुलिन की संवेदनशीलता में सुधार करता है, जो मधुमेह रोगियों के लिए लाभदायक है। टाइप 2 डायबिटीज वाले लोग ब्लड शुगर को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित रखने में इसे सहायक पा सकते हैं।

हड़जोड़ खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद कर सकता है। यह रक्त प्रवाह में सुधार करता है और हृदय रोग विकसित होने के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है।

हड़जोड़ बवासीर या हेमोरॉयड्स से होने वाले दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण प्रभावित क्षेत्र को शांत करते हैं और पाचन सुधारते हैं, जिससे कब्ज की संभावना कम होती है, जो बवासीर का मुख्य कारण है। खून वाली बवासीर या दर्दनाक मल त्याग से परेशान लोगों को नियमित उपयोग से राहत मिलती है।

हड़जोड़ उन बच्चों के लिए लाभदायक है जो ग्रोथ फेज में हैं। यह शरीर को प्राकृतिक खनिज प्रदान करता है, जो हड्डियों के निर्माण और शारीरिक विकास में मदद करते हैं। यह कैल्शियम कमी को रोकने और हड्डियों की सही संरचना बनाए रखने में सहायक है। बच्चों के आहार में इसे शामिल करने से उनकी हड्डियों की मजबूती और शारीरिक ताकत को सपोर्ट किया जा सकता है।

हड़जोड़ बाहरी घावों, कट और चोटों की तेजी से भरने में मदद करता है। यह घायल ऊतकों की मरम्मत करता है और संक्रमण फैलने से बचाता है। सर्जरी के बाद या त्वचा की चोटों से उबर रहे लोग तेज हीलिंग के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं।

हड़जोड़ गर्भाशय की मांसपेशियों को रिलैक्स करके दर्दनाक मासिक धर्म (पीरियड्स) के दौरान ऐंठन को कम करने में मदद करता है। यह हार्मोनल संतुलन को सपोर्ट करता है और पीरियड्स के समय होने वाले पेट दर्द को शांत करता है। जिन महिलाओं को बार-बार तेज निचले पेट का दर्द, पीठ दर्द या अनियमित चक्र की समस्या रहती है, वे उचित मार्गदर्शन में इस जड़ी-बूटी से प्राकृतिक राहत पा सकती हैं।

पहला विधि: इसका तना हड्डियों के आकर का होता है इसे दो कप पानी में धीमी आंच पर उबाल लें जब यह आधा यानी एक कप हो जाए तो दिन में केवल एक बार सेवन करें।

दूसरा विधि: इसकी पत्तियों को सूखाकर इसमें आधा उड़द दाल का पाउडर मिलाकर गिला पेस्ट तैयार कर लें अब इसे सूती कपड़े में लगाकर कर टूटी हुई हड्डियों के जगह पर बांध दे। तीन दिन बीच लगाकर करने से बहुत लाभ मिलता है।

हड़जोड़ का चूर्ण: इसकी डंडियों को सुखाकर पीस लें और रोजाना 1–2 ग्राम गर्म पानी या दूध के साथ लें।

हड़जोड़ का रस: ताज़ी डंडियों को पीसकर रस निकालें और 1–2 चम्मच सुबह-शाम लें।

  • हड़जोड़ का सेवन हड्डियों को मजबूत करने और शरीर की ताकत बढ़ाने के लिए काफी फायदेमंद है। लेकिन, इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हैं, जैसे-
  • हड़जोड़ की तासीर गर्म होती है, इसलिए ज्यादा मात्रा में इसका सेवन आपके शरीर की गर्मी को बढ़ा सकती है, जिससे मुंह में छाले, जीभ में जलन आदि समस्याएं हो सकती हैं।
  • जिन लोगों का शरीर पित्त प्रकृति वाला होता है उन्हें भी इस जड़ी बूटी के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पाचन और स्किन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
  • प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को हड़जोड़ का सेवन करने से बचना चाहिए या डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए, क्योंकि इससे भ्रूण पर साइड इफेक्ट्स हो सकता है।

Note: कभी भी इसका उपयोग एक्सपर्ट से सलाह लेकर ही करें, क्योंकि उम्र और रोग के हिसाब से सही मात्रा एक चिकित्सक ही बता सकता हैं।

पढ़ने के लिए धन्यवाद ! 

रीना जैन

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